Google Search Console Kya Hai और Website कैसे Submit करे

गूगल सर्च में अपनी वेबसाइट के परफॉर्मेंस को जानने और समझने के लिए Google Search Console का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन Search Console के कई और भी फायदे हैं। Google Search Console Kya Hai और इसे कैसे इस्तेमाल करते हैं इस Article में आपको जानने को मिलेगा। 

अपनी साइट के digital presence और organic traffic को बढ़ाने के लिए गूगल का Search Console सबसे बढ़िया और Free Tool है। SEO और Keyword Research के लिए भी इसका कोई बराबर नहीं है। 

आइए जानते हैं कि Google Search Console Kya Hai in Hindi और इसे कैसे साइट के Performance Measure करने के लिए Use किया जाता है।  हम Search Console के features के बारे में पूरी जानकारी बताएँगे। 

Google Search Console Kya Hai? 

Search Console गूगल का एक फ्री टूल है जिसकी मदद से हम गूगल सर्च में अपनी वेबसाइट के Performance को जान सकते हैं। अगर आप ब्लॉग या वेबसाइट के मालिक हैं तो इस टूल की सहायता से अपनी साइट की परफॉर्मेंस को और अधिक बेहतर बनाने की जानकारी भी पा सकते हैं। 

अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर किस तरह ज्यादा ट्रेफिक लाया जाए, इस बारे में भी Tips और Ideas आपको इस टूल से मिलते हैं। Google Search Console को पहले Google Webmaster Tools के नाम से जाना जाता था।

Web Pages के SEO के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि गूगल सर्च इंजन कैसे वेबसाइटों को क्रॉल करता है और कैसे उन्हे इंडेक्स करता है। Google Search Console में वेबसाइटों को क्रॉल और इंडेक्स करने के साथ-साथ वेब पेजों को सर्च रिजल्ट्स में कैसे दिखाया जाता है, इस बात की जानकारी भी मिलती है।

इससे Webmasters और SEO specialists के लिए अपनी SEO रणनीतियों और वेबसाइट की SEO performance को ट्रैक और विश्लेषण करना बहुत आसान हो जाता है। 

Search Console की एक बड़ी खूबी यह है कि अगर गूगल को आपकी वेबसाइट के परफॉर्मेंस या सर्च Appearance में कोई समस्या मिलती है तो वो आपको इसके बारे में अपने आप एक ईमेल भेज देता है। 

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि Search Console Account से गूगल आधिकारिक रूप से Site Owners से बातचीत करता है। सर्च console में अकाउंट होने से गूगल Webmasters को Site issues और Errors के बारे में सीधे चेतावनी दे देता है ताकि Bloggers या वेबसाइट के मालिक उसे तुरंत ठीक कर सकें। 

Google Search Console कैसे इस्तेमाल करें-How to Use Google Search Console?

अगर आप ब्लॉगिंग या Website में नए हैं तो इस Tool को इस्तेमाल करना शुरू में मुश्किल हो सकता है। लेकिन Google Search Console को Use करना बहुत आसान होता है। नीचे दिये गए तरीकों को Step-by-Step Follow करने से आप सिर्फ कुछ Clicks से ही अपनी वेबसाइट को Search Console में Add कर सकते हैं। 

अपनी वेबसाइट को search console में Verify करना भी बहुत आसान होता है। लेकिन Google Search Console को इस्तेमाल करने और उसमें अपनी साइट या ब्लॉग को जोड़के के लिए आपके पास एक Account होना चाहिए। आइए अब हम Google Search Console में अपनी साइट को जोड़ने और उसे इस्तेमाल करने के बारे में पूरी Process समझ लेता हैं।

1. अपनी वेबसाइट को Google Search Console में कैसे जोड़ें? How to Add Your Website to Google Search Console

Search Console में अपनी साइट को जोड़ना (Add) और सत्यापित (Verify) करने से Google को यह निश्चित हो जाता है कि आप या तो वेबसाइट के मालिक हैं या वेबमास्टर हैं। 

सबसे पहले Start करने के लिए गूगल सर्च कंसोल की वेबसाइट https://search.google.com/search-console/about पर जाएँ। आप गूगल में सर्च कर के भी इस लिंक पर जा सकते हैं।

Google search console kya hai.

एक बार सर्च कंसोल की वेबसाइट खुल जाने के बाद उसमें Start now पर click करें। जैसे ही आप अपने गूगल अकाउंट से स्टार्ट Now पर click करते हैं आपके सामने Search Console का Interface खुल जाता है। इसमें सबसे पहला जो काम आपको करना है वो है अपनी वेबसाइट को सर्च कंसोल से जोड़ना। 

Search Console में बाई ओर दिये गए Menu में ऊपर आपको एक Drop Down menu मिलेगा जिसमें Add a new Property या + Add Property का Option भी रहता है। आप जब इस ऑप्शन पर क्लिक करेंगे तो आपके सामने ये Window खुल कर आ जाएगा। 

Adding site URL to verify domain in search console.

इसमें अपनी Property Add करने के लिए दो Option मिलते हैं। 

  1. Domain Property-जब आप Domain Property type चुनते हैं तो आपको अपनी वेबसाइट के सभी URLs के बारे में Data और Statistics और पूरी साइट के Performance के बारे में जानकारी मिलती है। 
  2. URL Prefix– सर्च Console में जब आप URL Prefix टाइप की प्रॉपर्टि चुनते हैं तो इसका मतलब है कि आप सर्च कंसोल से सिर्फ कुछ खास Prefix वाले URL की ही रिपोर्ट देखना चाहते हैं। 

हमारी सलाह है कि आप वेबसाइट में Domain Property को Select करें। इससे आप अपनी साइट के सभी वेबपेजों के लिए Performance Report देख पाएंगे। Domain Option में जा कर अपनी वेबसाइट का सही-सही URL टाइप करें। अब आपकी साइट Google Search Console में Add हो गयी है लेकिन अभी आपकी साइट का Verification बचा हुआ है। 

सिर्फ किसी साइट को इस Tool में जोड़ देने से आप Google Search Console का इस्तेमाल नहीं कर सकते। उसके लिए आपको Google को ये साबित करना होगा कि आप उस वेबसाइट के मालिक हैं। 

2. साइट को Google Search Console में Verify करें

गूगल सर्च कंसोल में प्रॉपर्टि को Verify करने का मतलब होता है ये साबित करना कि आप जिस वेबसाइट के लिए सर्च कंसोल Data का इस्तेमाल करना चाहते हैं क्या वह सही में आपकी ही है। अगर Search Console का Sensitive Data किसी दूसरे आदमी के पास चला गया तो वो आपकी साइट के सर्च रिजल्ट्स और Performance को प्रभावित कर सकता है। 

अपनी Property को Verify करने के कई तरीके होते हैं। लेकिन अगर आप Domain property को चुन कर आए हैं तो आपको DNS Verification करना होगा। 

यहाँ ध्यान रखें कि साइट Verify करने से आपकी सर्च रैंकिंग्स या Performance पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। ये सिर्फ Ownership Verify करने के लिए एक Process है। 

साइट को इन Methods से Verify किया जा सकता है:

  1. HTML File Upload– इस Option में आपको गूगल एक Verification HTML File download करने के लिए देगा। इसे अपनी वेबसाइट के कोड में जाकर अपलोड कर के सेव कर दें। 
Submit HTML file in root folder.

अगर आप एक Verified Owner हैं तो आप चाहें तो दूसरों को अपनी साइट के सर्च कंसोल Reports का Access दे सकते हैं। 

  1. DNS Provider– अगर आप Google Search Console में अपनी Property को DNS के माध्यमसे Verify करना चाहते हैं तो आपको Google के साथ एक DNS Record Associate करना होगा। इसके लिए आप सीधे सर्च कंसोल में गूगल को Permission देकर अपने Domain Name Service Provider Account में Directly Verify कर सकते हैं।
  2. HTML Tag- Verification के इस Method में आपको एक HTML Meta Tag को अपनी साइट के Home Page में copy कर के Paste करना होता है। गूगल सर्च कंसोल में ही ये Meta Tag उपलब्ध हो जाता है। इस Meta Tag को आपकी साइट के HTML Code में <head> सेक्शन में पहली <body> सेक्शन से पहले paste करना होता है। 
  3. Google Analytics Tracking Code- Google Analytics का अगर आप अपनी साइट में उपयोग करते हैं उसके Tracking कोड से भी आप सर्च कंसोल में अपनी साइट को Verify कर सकते हैं। आपकी साइट के <head> सेक्शन में आपका Google Analytics Code होता है जिसे आपको कॉपी करना है। फिर इस Code को Search Console में इस्तेमाल कर के अपनी साइट को Verify कर लें। 
  4. Google Tag Manager- इस Method का इस्तेमाल करने के लिए आपका Container Snippet का इस्तेमाल करना जरूरी है। यह method एक तरह से ऑटोमैटिक होता है। आपको बार Verify Option पर क्लिक करना है और गूगल खुद ही Tag Manager Snippet को कॉपी कर लेता है। 

Blogger और Sites Pages जैसी Google Hosted वेबसाइट अपने आप ही Verify हो जाती हैं। उन्हे अलग से Verify करने कि जरूरत नहीं होती। 

एक बार जब आप अपनी website Verify कर लेते हैं तो कुछ ऐसा दिखता है।

Google search console site owner verification.

Google Search Console की विशेषताएँ- Features in Google Search Console

एक बार जब आप Search Console में अपनी वेबसाइट के Ownership को Verify या सत्यापित कर देते हैं तो आपका अकाउंट Set up पूरा हो जाता है। अब आप Google Search Console (GSC) को इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं। आपका अकाउंट इस नीचे दी गई Image की तरह दिखाई देगा। 

Search console performance report.

GSC आपकी साइट के परफॉर्मेंस Data को अलग-अलग प्रकार की रिपोर्ट में पेश करता है। ये reports आपकी साइट के बारे में बहुत बारीक जानकरियाँ देते हैं लेकिन कभी-कभी इन्हे समझने में Confusion होता है। खासकर अगर आप नए ब्लॉगर या Site Owner हैं तो ये और भी परेशानी की बात हो सकती है। 

इसलिए हमने यहाँ गूगल Search Console की विशेषताएँ (Features of Google Search Console) को एक-एक कर पूरी Detail में बताया है। 

गूगल सर्च Console का Interface जब खुलकर आता है तो उसमें Performance, Coverage, , Experience और Enhancements जैसे Sections दिखाई देते हैं। आइए अब इन सभी Sections और Reports को समझते हैं।  

1. Performance Reports

Google Search Console के बाई ओर एक navigation panel रहता है जिसमें ऊपर ही Performance Tab दिखती है। इस Tab में जो Data और Statistics गूगल show करता है वो बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसमें आपकी साइट के सर्च रिजल्ट्स का डाटा भी गूगल दिखाता है। 

Performance Section में आपको सर्च रिजल्ट्स का डाटा दिखाई देता है। आप चाहें तो अपनी साइट का पिछले 16 महीनों तक का सर्च रिजल्ट्स डाटा देख सकते हैं। अधिकतर Bloggers और वेबसाइट वालों के लिए Search Console में Performance Report ही सबसे महत्वपूर्ण होती है। 

यह रिपोर्ट किसी बिज़नस की वेबसाइटों पर आने वाले ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक के साथ-साथ सभी अलग-अलग URL का परफॉर्मेंस भी दिखाती है। इसके Graph में clicks, impressions, click-through-rate, और average keyword ranking के बारे में जानकारी मिलती है। 

Performance report

गूगल के इस Tab में आप सर्च रिजल्ट्स को Web, Image, Video, और News के आधार पर Filter कर सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो Web या Image के अनुसार आप सर्च रिजल्ट्स को Compare भी कर सकते हैं। 

अगर आप नियमित रूप से Search Console में Performance Report चेक करते हैं तो आपको आसानी से समझ में आ जाएगा कि वेबसाइट के किन पेजों को अपडेट करने या Optimize करने की जरूरत है। 

Search console search type.

ऐसी उम्मीद है कि गूगल भविष्य में कई अन्य Search Filters इसमें Add करेगा। हम भी नए Search Filters Add होने पर अपने Article को अपडेट कर देंगे। 

सर्च कंसोल की परफॉर्मेंस रिपोर्ट में आपको अपनी वेबसाइट के Clicks, Impressions, Click-Through-Rate (Average CTR), और average keyword ranking या Position की डीटेल पता चलती है।

  • Total Clicks: जब आपकी वेबसाइट या ब्लॉग का कोई वेबपेज गूगल के सर्च रिजल्ट्स में आता है तो उस पर Users क्लिक कर के आपकी वेबसाइट Visit करते हैं। Total Clicks का आंकड़ा यही बताता है कि कितने लोग गूगल सर्च रिजल्ट्स में Click कर के आपकी साइट पर आए हैं। 

यहाँ ध्यान रहे कि Total Clicks का मतलब total Page Views नहीं है। 

  • Total Impressions: गूगल सर्च इंजन में जब हम कुछ सर्च करते हैं तो रिज़ल्ट में हमें वेबसाइटों के Clickable Links दिखाई पड़ते हैं। परफॉर्मेंस रिपोर्ट के इस सेक्शन में हमें टोटल Impressions का पता चलता है। मतलब कि सर्च रिजल्ट्स में हमारी वेबसाइट का लिंक कितनी बार लोगों को देखने को मिलता है। 

उदाहरण के लिए अगर किसी वेबसाइट के Total Impressions 24K हैं तो इसका मतलब है कि सर्च रिजल्ट्स में वो वेबसाइट 24 हज़ार बार दिखाई दे चुकी है। 

इसमें उन Impressions को नहीं गिना जाता जो सर्च रिजल्ट्स के दूसरे या तीसरे अन्य पेजों में होते हैं और जिन सर्च Pages पर Users Scroll कर के नहीं गए। Images और अन्य सर्च रिजल्ट्स के लिए इसकी गिनती अलग-अलग तरीके से की जाती है। 

  • Average CTR (Click Through Rate): Google Search Console का एक Feature है Average CTR यानि Click Through Rate जिसका मतलब है आपकी साइट के Impressions का वो प्रतिशत जिनपर Click मिला। इसे नापने के लिए किसी ब्लॉग या साइट को मिले क्लिक को उसके Impressions के विभाजित किया जाता है। 

सर्च कंसोल में Average CTR से पता चलता है कि हमारी साइट सर्च रिजल्ट्स में कैसा Perform कर रही है। उसे सर्च रिजल्ट्स में Impressions की तुलना में कितने Clicks मिलते हैं। अगर आपकी साइट का Click Through Rate बहुत कम है तो यह चिंता की बात हो सकती है। 

Note-Click क्या होती है? 

गूगल सर्च रिजल्ट्स में जब आप किसी लिंक को क्लिक कर के गूगल सर्च रिज़ल्ट पेज से बाहर उस लिंक की वेबसाइट पर जाते हैं तो उसे गूगल एक क्लिक मानता है। Google का कहना है कि अगर क्लिक करने के बाद भी User Google के प्लैटफ़ार्म (या गूगल की साइट जैसे SERP, Google न्यूज़, या गूगल Discover) से बाहर नहीं जाता और गूगल पर ही रहता है तो उसे क्लिक नहीं माना जाता।

(Google AMP reader में गूगल का ही प्लैटफ़ार्म होता है लेकिन उसे Click माना जाता है)

ठीक इसी तरह अगर कोई User सर्च रिजल्ट्स में किसी लिंक को क्लिक कर के किसी वेबसाइट पर जाता है और लौटकर Google के सर्च रिजल्ट्स में आकार वापस उसी लिंक को क्लिक कर के फिर से उसी वेबसाइट पर जाता है तो उसे सिर्फ एक Click माना जाएगा।  

  • Average Position: आपकी वेबसाइट की Average Position (जिसे औसत स्थिति कहा जा सकता है) सर्च रिजल्ट्स में आपकी साइट की average position होती है। यह आपकी साइट की सर्च रिजल्ट्स में मिलने वाली उच्चतम स्थिति या Top Position पर आधारित होती है।

यह position हमेशा औसत या Average में दी जाती है क्योंकि सर्च रिजल्ट्स में आपकी साइट की Rankings में अक्सर उतार-चढ़ाव होता रहता है। 

2. Index Coverage Report

यह रिपोर्ट Google की Index में आपकी वेबसाइट के URL की स्थिति दिखाती है। इसका मतलब है कि आपकी वैबसाइट के कितने पेज गूगल की इंडेक्स में हैं। 

इसका उपयोग Technical SEO समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है जो आपके वेब पृष्ठों को सर्च में Appear होने से रोक सकती हैं।

इसमें उन Web Pages के बारे में भी जानकारी मिलती है जिनके Index होने में कोई Error हुआ होता है।

Google search console kya hai in hindi

Google इस रिपोर्ट के माध्यम से आपको यह भी बताता है कि आपकी वेबसाइट के किन पेजों को Index करने में क्या गलती हुई है। आपकी वेबसाइट पर गूगल कौन सी गलतियों और चेतावनियां बताता है,यह देखने के लिए हम Regularly इस टैब को चेक करने की सलाह देते हैं।

इसमें चार Options Error, Valid with Warning, Valid और Excluded होते हैं। गूगल Search Console की इस रिपोर्ट में ये सभी Options पर क्लिक करने से Desired Data Show हो जाता है। 

  • Error-इस Option में हमें अपनी साइट के उन पेजों के बारे में पता चलता है जिन्हें किसी कारण से Indexed नहीं किया जा सका। अगर एक भी वेबपेज ऐसा है जो Error Option में दिखाई देता है तो वो Web Page Google में Appear नहीं होगा। इसका अर्थ है कि आपकी साइट पर उस वेब पेज से कोई ट्रैफ़िक नहीं आयेगा।

इसे ठीक करने के लिए नीचे Error row में क्लिक करें और गूगल द्वारा बताए गए Fix करने के तरीके को अपनाएँ। 

valid errors.
  • Valid with Warnings-ये वो वेबपेज होते हैं जिन्हें Google ने Indexed तो कर दिया है लेकिन उनमें कुछ Issues हैं। आप उन Pages को नीचे Row में क्लिक कर के चेक कर सकते हैं कि क्या आपसे वो गलती से हुए हैं या जानबूझकर अपने ऐसा किया है। 
  • Valid-इसका मतलब है कि आपकी वेबसाइट के इन पेजों को सफलता पूर्वक Indexed कर लिया गया है। अब आपको इन Pages के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। 
  • Excluded– इस लिस्ट में वो वेबपेज होते हैं जिन्हें जानबूझकर Indexed नहीं किया गया था। आपकी साइट के ये पेज Google में दिखाई नहीं देंगे, लेकिन ऐसा शायद जानबूझकर किया गया है। Generally ऐसा तब होता है जब किसी पेज में Noindex directive इस्तेमाल किया जाता है। 

यदि आप लगातार नए Content पब्लिश कर रहे हैं, तो आपके Indexed Pages की संख्या बढ़ती जाएगी। ऐसा भी हो सकता है कि अचानक से Google द्वारा Indexed किए गए वेब Pages की संख्या में बहुत कमी या गिरावट आ जाए। इसका मतलब है कि Google को आपकी साइट के Content को इंडेक्स करने में कोई समस्या हो रही है।

Google Search Console में Index Coverage report की मदद से आप आसानी से उन Errors को ठीक कर सकते हैं जो Google को आपके URL को Index करने से रोक रहे हैं।

Sitemap Submit करें

(Google Search Console में अपना साइटमैप कैसे सबमिट करें) Search Console में Sitemap section में क्लिक कर के आप अपनी साइट का साइटमैप सबमिट कर सकते हैं। 

जैसा कि हम अपने आर्टिकल Sitemap Kya Hai में बता चुके हैं कि किसी साइट का साइटमैप उस वेबसाइट का एक तरह का ब्लूप्रिंट होता है जो गूगल जैसे सर्च इंजनों को वेबसाइट के कंटैंट को खोजने, क्रॉल करने और इंडेक्स करने में सहायता करता है। Sitemap आपकी साइट के Structure या संरचना के बारे में महत्वपूर्ण Information देता है।

  1. Click on Sitemaps

सर्च कंसोल के Index Section में दूसरे स्थान पर Sitemaps Menu होता है। 

Adding sitemap through google search console
  1. Outdated या Invalid Sitemaps को Remove कर दें
  2. Add a New Sitemap Option में जाकर खाली जगह पर अपना नया बनाया हुआ Sitemap type कर दें या पहले से Copy किया हुआ Sitemap Paste कर दें। 
  3. Click Submit- आपको सिर्फ अपनी साइट के URL के आखिरी हिस्से को ही टाइप करना है जबकि Domain वाले भाग को गूगल पहले से ही लिख के रखता है। 

आप अगर अपने साइटमैप को डिलीट कर के फिर से सबमिट करना चाहें तो इसके लिए भी इसी Process को follow कर के हो सकता है। Submitted Sitemaps में जिस साइटमैप को हटाना है उस पर क्लिक कर के उसे Remove वाले Option से हटाया जा सकता है। 

Installing new sitemap.

Sitemap सबमिट करते समय यह ध्यान रकें कि non-canonical URLs सबमिट नहीं करना चाहिए। इसी तरह एक ही वेबपेज के लिए multiple different URLs भी सबमिट नहीं करना चाहिए। 

3. URL Inspection Tool

Google Search Console के इस टूल में आप अपनी साइट के specific URLs या अलग-अलग पेजों को Analyse कर सकते हैं। इस सेक्शन में आप अधिक तकनीकी जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि Google ने किसी वेब पेज को कब और कैसे क्रॉल किया और क्रॉल किए जाने पर यह कैसा दिखता है।

इस सेक्शनमें आपके पेज पर मिले स्ट्रक्चर्ड डेटा के बारे में भी जानकारी मिलती है। 

URL inspection through google search console

URL Inspection सेक्शन में आप अपनी साइट के किसी भी पेज के Current Index Status को चेक कर सकते हैं। आप Request Indexing के Option से वेबपेज को गूगल से फिर से Index करने की Request कर सकते हैं। 

Request indexing

URL Inspection टूल का एक फायदा यह भी है कि आप Google Search Engine द्वारा Crawled किए गए वेब Page को देख सकते हैं। इसमें HTML और Screenshot दो Option में ये दिखाता है। लेकिन अगर आप Screenshot से अपने Crawled Page को देखना चाहते हैं तो आपको Test Live URL करना होगा। 

सर्च कंसोल के URL Inspection टूल में Coverage, Mobile Usability और Breadcrumbs का डाटा भी देखा जा सकता है। SEO के लिए Search Console का इस्तेमाल करने वालों के लिए ये URL Inspection टूल बहुत काम आता है। 

4. Page Experience Report

गूगल का मानना है कि High Quality Content के साथ अगर आपकी साइट के Page Experience Users के लिए बेहतर हैं तो ये आपकी साइट के सर्च रिजल्ट्स में फायदा करेगा। वहीं दूसरी ओर अगर आपके कंटैंट की क्वालिटी आपके Competitors के बराबर है तो एक Positive Page Experience आपको सर्च रिजल्ट्स में बढ़त दे सकता है। 

हालांकि गूग्लेए पहले ही बता चुका है कि High Quality Content हमेशा Page Experience से ज्यादा महत्वपूर्ण बना रहेगा। 

5. Core Web Vitals

इस रिपोर्ट में आपको साइट की Loading स्पीड के बारे में जानकारी मिलती है। “Slow,” “Moderate,” and “Fast” जैसी Rankings में आपकी साइट को classify किया जाता है। अगर आपकी साइट का loading टाइम बहुत ज्यादा है तो ये सर्च रैंकिंग्स पर बुरा असर डाल सकता है। 

इसके PageSpeed Insights Option में जाकर आप अपनी साइट के उन Files के बारे में जान सकते हैं जो आपकी साइट की स्पीड को कम कर रहे हैं। उदाहरण के लिए अगर आपकी साइट में कोई Image का Format या Size वेब पेज की Loading Speed को बढ़ा रहा है तो गूगल आपको PageSpeed Insights में उसके बारे में डीटेल में बता देगा। 

आप Images या File के Format या Size में बदलाव कर के Loading स्पीड को तेज़ कर सकते हैं। ये टूल Mobile और Desktop दोनों के लिए आपकी Speed Performance को एक से लेकर 100 नंबरों में Measure करता है। 

Google Search Console में Manual Actions Report, Security Issues, और Links जैसे Options भी होते हैं। Links menu में हमें अपनी साइट के External और Internal Links के बारे में Useful जानकारी मिलती है। इसके अलावा Top Linking Pages और Top Linking Sites के बारे में भी हमें Links Menu से पता चल जाता है। 

यह पर क्लीक करे और core web vitals की सारी जानकारी प्राप्त करे कैसे अपने साइट को core web vitals से बचाये।

Frequently Asked Questions:

  1. Google Search Console क्या है?

    गूगल Search Console एक फ्री टूल है जिससे वेबसाइट के मालिक( या Webmasters) Google Search Results में अपनी साइट के परफॉर्मेंस को चेक कर सकते हैं। इसमें जो डाटा और reports होती हैं वो सीधे गूगल भेजता है जिसके कारण ये बहुत भरोसेमंद और महत्वपूर्ण होती हैं। गूगल सर्च कंसोल में हमें पता चलता है कि हमारी साइट के कौन से Articles को सबसे ज्यादा Traffic मिलता है। 

  2. Google Search Console में Property किसे कहते हैं?

    यहाँ Property का मतलब है वेबसाइट। यानि आप जिस वेबसाइट के मालिक हैं वो आपकी Property है। आप एक से ज्यादा साइट चलाते हैं तो Google Search Console में एक से ज्यादा Property Add कर सकते हैं।

  3. किसी ब्लॉग या वेबसाइट का कितने दिनों का Data गूगल Search Console में देखा जा सकता है?

    Google Search Console में आप पिछले 16 Months का सर्च डाटा देख सकते हैं। इसमें Most Recent Data दो दिन पहले का होता है जबकि पिछले 7 दिनों का डाटा भी देखा जा सकता है। आप चाहें तो Custom Date Range भी Select कर सकते हैं। 

Conclusion:

इस आर्टिकल से आपको पता चल गया होगा कि Google Search Console Kya Hai और इसे कैसे इस्तेमाल करते हैं। अगर आप अब तक अपनी वेबसाइट के लिए Search Console का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो हमारी सलाह है कि आप सर्च कंसोल में अपनी साइट जोड़कर अपना अकाउंट बना लें। ताकि आप अपनी वेबसाइट की सर्च रिजल्ट्स में परफॉर्मेंस और साइट के बारे में डेटा एकत्र करना शुरू कर सकें। 

गूगल सर्च कंसोल कीवर्ड रिसर्च के लिए भी महत्वपूर्ण Tool है। आप चाहें तो हमारे आर्टिकल “Keyword Research क्या है” में इस विषय के बारे में डीटेल में जान सकते हैं। 

Webmasters Google Search Console का इस्तेमाल अपनी साइट को Monitor और Manage करने के लिए करते हैं। ये साइट के SEO के लिए इंटरनेट पर मौजूद सबसे बढ़िया Tools में से एक है। सबसे बड़ी बात यह है कि ये Google का है और एकदम फ्री भी है।  

RISHABH KOLHE

मैं इस ब्लॉग का संस्थापक हूं, मैंने 2017 में अपनी डिजिटल मार्केटिंग यात्रा शुरू की थी। पहले, मैंने अपने करियर की शुरुआत Culturelligence में SEO से की, फिर कुछ समय बाद, मैंने डिजिटल मार्केटिंग के बारे में और सीखा। मैंने एक US -आधारित मानव संसाधन संगठन, Agile PeopleOps के साथ एक डिजिटल मार्केटर के रूप में काम किया। अब मैं WealthyWork में काम कर रहा हूं, हम सभी डिजिटल मार्केटिंग सेवाओं में विशेषज्ञता रखते हैं।
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