Keyword Research Kaise Kare

यहां, आपको Keyword Research Kaise Kare के बारे में एक विस्तृत और चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका मिलेगी।

Keyword Research SEO Content लिखने का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इससे आपके वेबपेज को Google सर्च रैंकिंग में टॉप Position मिलने में मदद मिलती है। यह आपके वैबसाइट पर Visitors या Traffic बढ़ाने में भी बहुत मदद करता है। 

इस आर्टिक्ल में हम जानेंगे कि Keyword Research क्या है और Keyword रिसर्च कैसे किया जाता है। साथ में आप समझेंगे कि कीवर्ड रिसर्च SEO के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? 

हम आपको उन बेहतरीन Keyword रिसर्च Tools के बारे में भी बताएँगे जो कीवर्ड रिसर्च करने के काम आते हैं। 

आइए सबसे पहले जानते हैं कि Keyword Research क्या होता or Keyword Research Kaise Kare ?

SEO में Keyword Research Kya Hai

कीवर्ड रिसर्च वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम गूगल और बिंग जैसे सर्च इंजनों पर उन शब्दों और वाक्यांशों का पता लगाते हैं जो लोगों द्वारा ज्यादा सर्च किए जाते हैं। फिर उन्हे अपने Content में इस समझदारी से शामिल किया जाता है कि Search Engine Result Page (SERP) में हमारा Content ऊपर या टॉप पर आ जाए। 

लोग इंटरनेट पर क्या सर्च करते हैं और किस तरह की जानकारी ढूंढते हैं यह पता लगा कर अपने ब्लॉग या वैबसाइट के Content को उन सर्च terms (जिन्हे Keywords कहा जाता है) के अनुसार तैयार करने से उस कीवर्ड पर हाइ रैंक करना आसान हो जाता है। 

सर्च इंजन के अनुसार अपने वेबपेज को Optimize करने के लिए search engine optimization (SEO) होता है जिसमें Keyword रिसर्च एक महत्वपूर्ण हिसा माना जाता है। क्योंकि ऐसे Content लिखने का कोई फायदा नहीं होता जिसे कोई पढ़ना ही नहीं चाहता। जिसे लोग पढ़ना और जानना चाहते हैं उसे ढूँढना और जानना कीवर्ड रिसर्च का काम है। 

Keyword Research में आपके Business या Customers के लिए Relevant सभी Search Engine Queries का पता लगाया जाता है। 

Keyword research in Hindi क्या है समझने के लिए और Keyword research कैसे किया जाता है, यह जानने के लिए इस आर्टिक्ल को पूरा पढ़ जाइए। अगर आपने हिन्दी में ब्लॉगिंग अभी शुरू की है तो Keyword रिसर्च आपके लिए बहुत जरूरी है।  

Keyword Research क्यों महत्वपूर्ण है?

सीधी सी बात है! अगर आप जो Content लिख रहे हैं उसे पढ़ने वाला ही कोई ना हो या Google पर उसे कोई सर्च ही नहीं करे तो आपके वेबपेज पर कोई Visitor आयेगा ही नहीं। 

ऐसी हालत में आप चाहे जितनी कोशिश कर लें या जितना अच्छा आर्टिक्ल लिख लें आपको Google से ट्रैफ़िक नहीं मिलेगा। इसलिए हम Keyword रिसर्च से उन शब्दों और वाक्यांशों का पता लगाते हैं जिनके बारे में लोग गूगल पर ज्यादा सर्च करते हैं। फिर उन Target Keywords के अनुसार ही अपना Content तैयार करते हैं। 

हालांकि कुछ SEO Experts का दावा है कि कीवर्ड अब सर्च रैंकिंग्स में महत्वपूर्ण नहीं हैं और भविष्य में आवश्यक नहीं रह जाएंगे। लेकिन ऐसी बात नहीं है। कीवर्ड ना सिर्फ सर्च इंजन रैंकिंग के लिए बल्कि किसी दिए गए क्वेरी के कारण (Intent) को भी समझने के लिए जरूरी हैं।

भले ही लोगों के सर्च करने के रुझान बदल जायें लेकिन जब तक लोग इंटरनेट पर किसी भी तरह की जानकारी के लिए सर्च करते रहेंगे तब तक Keyword Research की प्रासंगिकता बनी रहेगी। 

फिलहाल भारत जैसे देश में जनसंख्या का एक बहुत बड़ा हिस्सा इंटरनेट और डिजिटल दुनिया से आने वाले भविष्य में जुड़ेगा। ऐसे में हिन्दी में खोज की जाने वाली सर्च भी बढ़ेगी। सर्च बढ़ने के साथ ही हिन्दी में Keyword Research करने का Volume भी बढ़ेगा। 

सीधे-सीधे कहा जाए तो सर्च इंजन में में लोग क्या टाइप कर रहे हैं यह पता लगाने का एकमात्र तरीका कीवर्ड रिसर्च ही है। कीवर्ड रिसर्च कैसे करें जानने से पहले कीवर्ड रिसर्च के फायदे जान लेने चाहिए।

Keyword रिसर्च के महत्वपूर्ण फायदे ये हैं:

  • कंटैंट का टॉपिक या विषय ढूँढने में
  • वैबसाइट में On-page SEO करने में
  • ईमेल Outreach और Content Promotion के लिए
  • उत्कृष्ट Content Strategy बनाने के लिए
  • मार्केटिंग रणनीति (marketing strategy) में
  • Google सर्च रैंकिंग्स सुधारने में 
  • ज्यादा सर्च Traffic प्राप्त करने में
  • User Engagement बढ़ाने में 
  • वैबसाइट की Credibility बढ़ाने में 

Keyword Research से आपको अपने Target Audience को बेहतर ढंग से समझने में भी मदद मिलती है। आइए अब जानते हैं कि असल में keyword research kaise kare और इसके लिए क्या किया जाता है।

अपने ब्लॉग के लिए Keyword Research Kaise Kare

कीवर्ड रिसर्च अब एक बहुत एडवांस्ड स्थिति में पहुँच चुका है। नए-नए कीवर्ड टूल्स के साथ कीवर्ड रिसर्च करने का तरीका भी बादल चुका है। अपने ब्लॉगपोस्ट में कंटैंट पब्लिश करने या लिखने से पहले अच्छे से कीवर्ड रिसर्च कर लेनी चाहिए। 

आइए जानते हैं कि अपने ब्लॉग के लिए Keyword Research कैसे करें : 

1. Brainstorm ‘seed’ keywords

कीवर्ड रिसर्च में Seed कीवर्ड वो शब्द या वाक्यांश होते हैं जिनके इर्द-गिर्द आप अपना कंटैंट तैयार करना चाहते हैं। उदाहरण के लिए जब आप किसी कीवर्ड टूल में कोई टॉपिक डालते हैं या टाइप करते हैं तो उस टॉपिक से संबन्धित या मिलते जुलते सैकड़ों कीवर्ड आपके सामने आ जाते हैं। 

यहाँ कीवर्ड रिसर्च में आपके द्वारा सबसे पहले टाइप किया गया कीवर्ड Seed कीवर्ड कहलाता है। सीड कीवर्ड किसी भी keyword research प्रक्रिया की नींव माने जाते हैं। वे आपके ब्लॉगपेज या पोस्ट के niche को define करने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धियों की पहचान करने में मदद करते हैं।

सभी कीवर्ड रिसर्च टूल्स आपके seed keyword के आधार पर ही कीवर्ड Ideas generate करते हैं।

2. कीवर्ड चुनने से पहले Main Factors को समझें

अपने बिज़नस या ब्लॉग पोस्ट के लिए कीवर्ड चुनने से पहले उस कीवर्ड की Relevancy और ट्रैफ़िक वॉल्यूम की जानकारी कर लेनी चाहिए। आप उन कीवर्ड को टार्गेट कर सकते हैं जो आपके ब्लॉग या बिज़नस की niche से मेल खाते हों। 

इसके लिए आप Google Trends, गूगल कीवर्ड प्लानर या Google Suggest का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

  • Relevance या प्रासंगिकता

किसी भी सर्च रिज़ल्ट को गूगल उसकी Relevancy या प्रासंगिकता पर रैंक करता है। अगर गूगल को लगता है कि कोई कंटैंट सर्च ईंटेंट को satisfy नहीं करता तो वह उसे रैंक नहीं करेगा। सर्च रिज़ल्ट में आपके कंटैंट को टॉप position तभी मिलेगी जब दूसरे रिजल्ट्स कि तुलना में आपके कंटैंट की वैल्यू ज्यादा होगी। 

  • Authority या Credibility

कोई भी सर्च इंजन हमेशा उन वेबपेज को महत्व देते हैं जो credible और आधिकारिक होते हैं। Google जैसे सर्च engine उन स्रोतों को अधिक महत्व प्रदान करते हैं जिन्हें वे आधिकारिक मानते है।

आपको अपनी साइट को उपयोगी, सूचनात्मक सामग्री से load करना होगा। आपको अपनी वैबसाइट या कंटैंट को प्रोमोट भी करना होगा ताकि आप social signals और backlinks प्राप्त कर सकें। इससे आपकी साइट की क्रेडिबिलिटी और Authority बढ़ेगी। 

  • सर्च वॉल्यूम

मान लीजिये आप किसी विशिष्ट कीवर्ड के लिए सर्च रैंकिंग में टॉप पर आ गए लेकिन अगर उस कीवर्ड का सर्च वॉल्यूम शून्य है तो आपकी साइट पर ट्रैफ़िक नहीं आयेगा। इसलिए ऐसे कीवर्ड को टार्गेट नहीं करना चाहिए जिसपर सर्च वॉल्यूम एकदम शून्य हो। 

3. अपने Competitors से कीवर्ड Ideas जाने : 

आपके प्रतियोगी किन कीवर्ड के लिए रैंक करते हैं यह जानने से आपको अपने Niche टॉपिक के कीवर्ड जानने में बहुत सहायता मिल सकती है। इसलिए कीवर्ड रिसर्च शुरू करने का एक आसान तरीका यह जानना है कि आपके Competitors किन Keywords से पहले से ही सर्च ट्रैफ़िक प्राप्त कर रहे हैं।

अपने Competitors के Keywords जानने का सबसे आसान और मुफ्त तरीका Google सर्च इंजन है। इसके लिए Google पर अपने किसी एक Seed Keyword को सर्च करें और देखें कि कौन organic सर्च रिजल्ट्स में पहले पेज पर रैंक करता है। 

उदाहरण के लिए अगर हम गूगल पर Best SEO Tools सर्च करें तो ये पाएंगे:

This image shows competitors' keyword research Kaise Kare.

अगर आप सर्च रिजल्ट्स के पहले पेज पर आने वाली वैबसाइटों से कीवर्ड आइडियास नहीं समझ पा रहे हैं तो गूगल द्वारा Auto Suggest किए गए कीवर्ड से आपको सहायता मिल सकती है। 

4. Long Tail Keywords का इस्तेमाल करें:

Long-tail keywords का इस्तेमाल करना Keyword रिसर्च की बहुत बढ़िया tactic है। आइए पहले जानते हैं कि ये long-tail keywords क्या होते हैं। 

तीन या तीन से अधिक शब्दों के वाक्यांश को long-tail keywords कहा जाता है। Google सर्च में एक या दो Words से ज्यादा इन long tail keywords को ही Target किया जाता है जिसके कारण ये बहुत विशिष्ट होते हैं। Lower competition और बेहतर conversion rate के कारण Long-tail keywords का इस्तेमाल SEO के लिए जरूरी है। एक अनुमान के अनुसार इंटरनेट सर्च का लगभग 70% Long-tail keywords का ही हिस्सा है। 

जब SEO में Keyword रिसर्च की बात आती है, तो कम Competition होने के कारण long tail keywords पर रैंक करना आसान होता है। इसलिए उनकी जानकारी होना बहुत जरूरी है। 

आइए जानते हैं कि long tail keywords कैसे ढूँढे जाते हैं:

  • Google Suggest का उपयोग करें

long-tail keyword जानने का Google Suggestions एक अच्छा सोर्स है। फ्री होने के साथ-साथ यह गूगल की सर्विस है इसलिए भरोसेमंद और Authentic भी है। 

इसके लिए अपने primary keyword को Google search box में टाइप करें और देखें कि उन Keywords के साथ Google क्या suggest करता है।

This image shows how to find Long tail keyword from Google suggestions
  • Google की संबंधित खोज का उपयोग करें-

जब आप गूगल पर कोई सर्च करते हैं तो संबंधित खोजें SERP के निचले भाग में दिखाई देती हैं। गूगल इन Related Searches को organic results के पहले पेज के निचले भाग में दिखाता है। कीवर्ड रिसर्च में ये संबन्धित खोजें बड़े काम आती हैं। 

This image shows how to find LSI keywords

इन संबन्धित खोजें या Related Searches से हमें उन शब्दों और वाक्यांशों के बारे में पता चलता है जो सर्च टॉपिक से मिलती-जुलती होती हैं और लोगों द्वारा सर्च की जाती हैं। long tail keyword research के लिए गूगल की संबन्धित खोजें एक तरह से विशाल भंडार होती हैं। 

हालांकि गूगल द्वारा दिये जाने वाले Related searches के टॉपिक बहुत personalized होते हैं और अगल-अलग व्यक्तियों या स्तनों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। 

उदाहरण के लिए अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो related searches में दिल्ली से जुड़े टोपिक्स भी आ सकते हैं। ठीक उसी तरह किसी मुंबई में रहने वाले व्यक्ति के लिए ये कीवर्ड उस जगह के Specific हो सकते हैं। 

  • प्रश्नोत्तर साइटों से कीवर्ड जानें-

Q&A Sites को बड़ी संख्या में लोग प्रश्नों के उत्तर जानने और discussion करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। ये Question और Answer वैबसाइटें long-tail keyword ideas के महत्वपूर्ण source हो सकते हैं। 

कीवर्ड रिसर्च के लिए इन Q&A साइटों का उपयोग किया जा सकता है:

  • Quora 
  • Yahoo Answers 
  • Answers.com 
  • Askville 
  • LinkedIn Answers

ऊपर दी गई sources के अलावा Wikipedia का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 

5. गूगल कीवर्ड प्लानर का प्रयोग करें

Google कीवर्ड प्लानर कीवर्ड रिसर्च करने का सबसे प्रसिद्ध कीवर्ड टूल है। गूगल की यह सर्विस फ्री है जिसे अधिकतर विज्ञापनकर्ता या advertisers उपयोग करते हैं। 

SEO के लिए कीवर्ड रिसर्च करने में Google कीवर्ड प्लानर का उपयोग किया जा सकता है। Google का यह टूल खोजों की अनुमानित औसत संख्या दिखने के साथ-साथ Search campaigns चलाने में भी मदद करता है। 

इस मुफ्त टूल का उपयोग आप अपने विषय/व्यवसाय से संबंधित नए कीवर्ड खोजने और उन्हें Target करने के लिए कर सकते हैं। यह टूल यह भी बताता है कि उस कीवर्ड पर कितने सर्च किए जाते हैं। गूगल के इस keyword research tool से पता लगाया जा सकता है की किसी Keyword की सर्च समय के साथ कैसे बदलती है।

keyword research tool गूगल के Ads सर्विस का हिस्सा है। इसे इस्तेमाल करने के लिए आपके पास Google Ads में अकाउंट होना चाहिए। 

This image shows how you can find your Keyword with the help of Google Keyword Planner.
6. Google Trends का Keyword Research में इस्तेमाल करें-

google trends किसी भी कीवर्ड रिसर्च के लिए Country specific सर्च वॉल्यूम बता सकता है। देश के अलावा यह टूल किसी स्थान और टॉपिक के अनुसार कीवर्ड की लोकप्रियता जानने का बेहतरीन टूल है। 

This Image shows Google trends se Keyword research Kaise Kare.

गूगल ट्रेंड्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह Trend करने वाले Current या Live topics की भी जानकारी देता है। गूगल Trends इस्तेमाल करने के लिए आपके पास बस एक गूगल अकाउंट होना चाहिए। यह टूल भी गूगल द्वारा फ्री में उपलब्ध कराया गया है। 

7. Google द्वारा सुझाए गए कीवर्ड शामिल करें 

इस विषय को हमने पहले ही Long-tail keywords का इस्तेमाल करने वाले sub-heading में समझा है। इसमें Google Suggestions और Related searches या संबन्धित खोजें का इस्तेमाल कीवर्ड रिसर्च करने और अपने Niche से संबन्धित खोजों के लिए किया जाता है। 

जब हम गूगल पर कुछ सर्च करते हैं तो सर्च बॉक्स में कुछ टाइप करते ही गूगल अपने आप उस टाइप किए हुए टॉपिक या विषय से मिलते-जुलते शब्दों का suggestions देता है। ये Suggestions ऊपर सर्च बॉक्स में दिखते हैं। 

गूगल पर कुछ सर्च किए जाने के बाद जब सर्च रिजल्ट्स पेज आता है तो उसमें टॉप वैबसाइटों के अलावा सर्च पेज में नीचे गूगल कुछ Related searches भी दिखाता है। इन संबन्धित खोजों से हमें उस सर्च किए हुए टॉपिक से मिलते-जुलते कई महत्वपूर्ण कीवर्ड मिल सकते हैं। 

8. अपने Niche से कीवर्ड Ideas निकालें

इंटरनेट पर अलग-अलग विषयों पर महारत हासिल करने से बहुत आसान है किसी एक विषय में महारत हासिल करना। जब आप किसी एक टॉपिक पर Credibility हासिल कर लेते हैं तो सर्च engine उस टॉपिक से संबन्धित खोजों के लिए आपके Content को सर्च रैंकिंग में वरीयता देने लगते हैं। 

जिस विषय या टॉपिक में आप अच्छी समझ और जानकारी रखते हैं और जिस टॉपिक से Related content आप अपनी वैबसाइट पर पब्लिश करना चाहते हैं वह आपकी Niche होती है।

उदाहरण के लिए अगर कोई वैबसाइट या ब्लॉग SEO पर कंटैंट लिख रहा है और अचानक से फिर हैल्थ टोपिक्स या इतिहास से जुड़े टोपिक्स पर content पब्लिश करने लगे तो सर्च इंजन उन नए टोपिक्स को रैंकिंग में टॉप पर जल्दी नहीं Show करेंगे। 

Keyword को Analyze कैसे करें

कीवर्ड रिसर्च में सही कीवर्ड का selection करना SEO रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर कीवर्ड सही ढंग से चुने जाएँ तो पूरे इंटरनेट मार्केटिंग अभियान की सफलता निश्चित हो जाती है।

कीवर्ड खोजते समय बहुत सारे कीवर्ड सामने आते हैं जो आपको कन्फ्युज कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में आप कैसे जानेंगे कि कौन सा कीवर्ड सही हैं या कौन सा गलत? या उनमें से कौन सा कीवर्ड कंटैंट तैयार करने के लिए दूसरों से बेहतर है?

इंटरनेट पर कई ऐसे प्रोग्राम हैं जो कीवर्ड विश्लेषण करने की सर्विस देते हैं। इन keyword suggestion tools की सहायता से कीवर्ड का गहन विश्लेषण और मूल्यांकन किया जा सकता है। कुछ टूल्स फ्री हैं तो कुछ प्रीमियम टूल्स भी हैं जिनके इस्तेमाल के लिए फीस देनी होती है। 

Google का कीवर्ड टूल ऐसा ही एक मुफ्त टूल है जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। Paid टूल्स में Semrush और Ubersuggest जैसी Service का नाम लिया जा सकता है।  

Organic Searches के लिए बेस्ट कीवर्ड जानना हो तो नीचे दी गई पांच कीवर्ड मेट्रिक्स का सहारा लिया जा सकता है:

Search volume :

सर्च वॉल्यूम का अर्थ है उपयोगकर्ता इंटरनेट पर किसी सर्च Query के रूप में ऐसे कीवर्ड का कितनी बार उपयोग करते हैं। यह आपको बताता है कि कोई कीवर्ड हर महीने इंटरनेट सर्च में कितनी बार खोजा जाता है। 

यहाँ ध्यान देने की बात यह है कि सर्च वॉल्यूम खोजों की संख्या होती है, न कि खोज करने वाले Users (लोगों) की संख्या। और यह भी जानना जरूरी है कि कीवर्ड रिसर्च कर के आप कितना भी बढ़िया आर्टिक्ल या Content तैयार कर लें लेकिन सर्च वॉल्यूम का 100% आपकी वैबसाइट को कभी नहीं मिलेगा। 

मतलब कि रैंकिंग के आधार पर आपको कितना ट्रैफ़िक मिलेगा यह Search Volume से आप पता नहीं कर सकते। गूगल Trends इंटरनेट पर search volume पता लगाने का फ्री और Credible टूल है।

This image shows how you can check the search volume of any keyword by using Google trends
User Intent :

आप माने या ना माने लेकिन Search Intent को संतुष्ट करना Google का #1 लक्ष्य है। इसलिए अगर आप SEO और कंटेंट मार्केटिंग में सफलता चाहते हैं, तो Search Intent जानने के बाद ही कीवर्ड को अपने कंटैंट में शामिल करें।

सर्च इंटेंट (या “यूजर इंटेंट”) किसी भी सर्च इंजन में क्वेरी टाइप करते समय एक यूजर का मुख्य आशय या कारण होता है। सर्च में हाई इंटेंट वाले कीवर्ड को हाई कमर्शियल इंटेंट भी कहा जाता है। 

सर्च Intent को जानना आपके कीवर्ड रिसर्च के लिए जरूरी है क्योंकि इससे आपको पता चलता है कि जिन कीवर्ड को आप टार्गेट करना चाहते हैं उनके पीछे User की मंशा क्या है। 

साधारण रूप से सर्च Intent को चार प्रकार का बताया जाता है:

  1. Informational या सूचनात्मक – ये वो Query होती हैं जिनमें प्रश्नों के उत्तर देने या कुछ सीखने के लिए सर्च किया जाता है।
  2. Navigational – किसी विशिष्ट वेबसाइट का पता लगाने के लिए की गई खोजें नेविगेशनल सर्च ईंटेंट मनी जाती हैं। इनका उद्देश्य किसी खास वैबसाइट तक जाना होता है। उदाहरण के लिए Facebook या Apple के नाम से होने वाले सर्च। 
  3. Transactional या लेन-देन संबंधी
  4. Commercial – Commercial intent keywords सिर्फ transactional searches के लिए मायने रखते हैं। 

बैकलिंक्स और अन्य Google रैंकिंग फ़ैक्टर्स अभी भी मायने रखते हैं लेकिन अगर आपका वेबपेज User Intent को संतुष्ट नहीं कर सकता तो वो निश्चित रूप से सर्च रैंकिंग में रैंक नहीं करेगा। इसलिए उन कीवर्ड का इस्तेमाल करें जो आपके ब्लॉग या वैबसाइट के अनुकूल हों। 

User Intent या सर्च ईंटेंट पता लगाना का एक आसान तरीका और है। कीवर्ड के आधार पर ही आप सर्च इंटेंट का पता लगा सकते हैं। इसके लिए आपको कीवर्ड समझना होगा। 

उदाहरण के लिए “Buy a Helmet” commercial कीवर्ड है लेकिन “How Helmets are made” निश्चित रूप से Informational है। 

Clicks :

सर्च इंजन पर होने वाली खोजों में सभी को क्लिक नहीं मिलती। बहुत से लोग Google पर कुछ सर्च तो करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे सभी सर्च रिजल्ट्स पर क्लिक कर के रिजल्ट्स show करने वाली वैबसाइट पर जाते हों।

top-ranking pages को भी सर्च वॉल्यूम की तुलना में बहुत कम Clicks मिलते हैं। 

इसके पीछे कारण यह है कि कुछ सर्च Query के उत्तर Google सर्च रिजल्ट्स पेज पर ही दे देता है। लोगों को उस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए क्लिक करने की कोई आवश्यकता नहीं होती। 

This image showing how many clicks any keyword get in the Search result

किसी कीवर्ड के लिए monthly सर्च वॉल्यूम भले ही ज्यादा हो लेकिन वास्तव में मिलने वाली Clicks बहुत कम होती हैं। इसलिए कीवर्ड Analysis करते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके द्वारा Target किए जाने वाले Keyword को कितनी Clicks मिलती हैं। 

कीवर्ड चुनते समय ऐसे Keywords को टार्गेट करने से बचें जहां ज़्यादातर clicks Paid Ads को मिलते हैं। 

Traffic potential :

किसी टॉपिक या विषय की कुल सर्च ट्रैफ़िक क्षमता का अनुमान सिर्फ Search volume या Clicks से नहीं लगाया जा सकता। किसी कीवर्ड पर मिलते वाला Traffic अकेले उसी कीवर्ड से नहीं आता। बल्कि उस कीवर्ड से संबन्धित कई दूसरे कीवर्ड के लिए भी वह रैंक करता है। 

उदाहरण के लिए अगर हम गूगल पर सर्च करें “कीवर्ड रिसर्च कैसे करें” तो इस कीवर्ड पर रैंक करने वाला आपका पेज सभी प्रकार के संबंधित कीवर्ड और समानार्थक शब्दों के लिए भी रैंक करेगा, जैसे:

“कीवर्ड रिसर्च करने के टूल्स”

“कीवर्ड रिसर्च क्या है”

“कीवर्ड रिसर्च के फायदे”

कीवर्ड रिसर्च कैसे करें हिन्दी में” इत्यादि 

यानि कि किसी कीवर्ड का Traffic Potential अकेले उसी कीवर्ड पर निर्भर नहीं करता बल्कि उससे Related Keywords और Similar Keywords से भी सर्च Potential बना रहता है। 

Related Keywords से होने वाले Traffic Potential को समझने से आप उन Keywords को भी टार्गेट कर सकते हैं जिन्हे आपके Competitors ignore कर देते हैं। 

Keyword Difficulty :

किसी कीवर्ड पर सर्च रिज़ल्ट में पहले पेज पर या टॉप पर रैंक करना कितना कठिन है यह कई चेज़ोन पर निर्भर करता है। जिस कीवर्ड के लिए टॉप पर रैंक करना जितना कठिन होगा उस कीवर्ड की Keyword Difficulty उतनी ही ज्यादा होगी। 

जो लोग नया ब्लॉग शुरू कर रहे हैं उन लोगों को विशेषकर इस Keyword difficulty का ध्यान रखना चाहिए। टॉप पर रहने वाले वेबपेज में बैकलिंक्स की संख्या (और उसकी क्वालिटी); डोमेन रेटिंग ; Content या आर्टिक्ल की लंबाई और उसकी प्रासंगिकता जैसी चीज़ें कीवर्ड difficulty निर्धारित करती हैं।

Branding और सर्च ईंटेंट भी कीवर्ड Difficulty को प्रभावित करते हैं। 

आप अपने ब्लॉग या वैबसाइट में High Keyword Difficulty वाले कीवर्ड को जितनी जल्दी टार्गेट करेंगे उतनी ही जल्दी आप उस Content को प्रोमोट कर के Backlinks बना पाएंगें। 

कीवर्ड difficulty से आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि किसी कीवर्ड को टार्गेट करने के लिए आपको किस level का Content तैयार करना होगा। अपने कंटैंट को प्रोमोट करना बिलकुल भी ना भूलें।

Cost Per Click (CPC) :

Cost Per Click (CPC) हमें बताता है कि advertisers या विज्ञापनदाता किसी वैबसाइट में टार्गेट किए गए कीवर्ड से प्रत्येक विज्ञापन क्लिक के लिए कितना पैसा देने को तैयार हैं।

हालांकि CPC पब्लिशर की तुलना में advertisers के लिए ज्यादा उपयोगी होता है लेकिन सीपीसी से हम किसी कीवर्ड की उपयोगिता और उस पर मिलने वाले clicks और भुगतान को जान सकते हैं। 

this image show how display ads look like

ऊपर दिये गए स्क्रीनशॉट में Fabindia कीवर्ड के लिए Fabindia.com भुगतान करता है। हर बार जब कोई ad लिंक को क्लिक करेगा तो उस क्लिक के बदले पेमेंट होता है। 

अपने ब्लॉग या बिज़नस में कीवर्ड कैसे टार्गेट करें?

किसी भी बिज़नस या ब्लॉग पोस्ट में कीवर्ड का समझदारी से उपयोग करना SEO रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अपने कंटैंट या ब्लॉग पोस्ट में कीवर्ड का उपयोग कैसे करें और उन्हे कैसे सही ढंग से वेबपेज के title, meta descriptions, और on-page copy में स्थान दें, यह जानना जरूरी है। 

इससे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आपकी SEO strategy कई गुना अच्छी हो जाएगी। यह आपका सर्च वॉल्यूम बढ़ाने में भी काम आयेगा। 

अब आप ब्लॉग पोस्ट या बिज़नस के लिए कीवर्ड ढूँढना जान चुके हैं। 

आइए जानते हैं कि अपने ब्लॉग को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए कीवर्ड का उपयोग कैसे करें और क्या न करें:

  • आपके ब्लॉग पोस्ट के शीर्षक में हमेशा आपका टार्गेट कीवर्ड आना चाहिए। आपके पेज टाइटल में प्राइमरी कीवर्ड कि उपस्थिती से गूगल जैसे सर्च इंजन ये आसानी से समझ सकते हैं कि कोई वेबपेज किस विषय की जानकारी दे रहा है। 
  • अपने पूरे ब्लॉग पोस्ट में healthy keyword density बनाए रखें। SEO विशेषज्ञों के अनुसार आपके main primary Keyword की density कम से कम 1% -2%  तक की होनी चाहिए। उदाहरण के लिए अगर आपके ब्लॉग पोस्ट में 2000 शब्द हैं, तो आपकी Primary कीवर्ड संख्या लगभग 20 होनी चाहिए।
  • Keyword Stuffing से बचें-कीवर्ड density बनाने के चक्कर में ब्लॉगपोस्ट में जरूरत से ज्यादा अनचाहे कीवर्ड नहीं शामिल करने चाहिए। कीवर्ड की placing नैचुरल होनी चाहिए और ऐसा नहीं लगाना चाहिए कि अपने उन कीवर्ड को जबर्दस्ती से कंटैंट में डाल दिया है।
  • आपका कंटैंट उपयोगकर्ताओं के लिए होता है इसलिए Users के लिए लिखें न कि गूगल बॉट के लिए। इसका मतलब यह है कि सिर्फ अपने ब्लॉग पोस्ट में कीवर्ड भरने के बदले ब्लॉग पोस्ट की गुणवत्ता पर ध्यान दें। हाइ क्वालिटी कंटैंट तैयार करें। इंटरनल लिंकिंग का उचित उपयोग भी करें।
  • ब्लॉग पोस्ट में long-tail keywords का इस्तेमाल काना फायदेमंद होता है। यह हम पहले ही बता चुके हैं कि लॉन्ग-टेल कीवर्ड इंटेंट स्पेसिफिक होते हैं। इन long-tail keywords की सर्च वॉल्यूम कम होती है लेकिन  उपयोगकर्ता के ग्राहक या Customer में परिवर्तित होने की संभावना अधिक रहती है। लॉन्ग-टेल कीवर्ड पर क्लिक भी ज्यादा मिलते हैं।
  • ऑन पेज एसईओ की एक महत्वपूर्ण trick है अपने मुख्य कीवर्ड को ब्लॉग पोस्ट के शुरू के पहले 100 शब्दों में शामिल करना। इससे Google के साथ-साथ आपके Users को आसानी से ब्लॉग लिखने के प्राथमिक उद्देश्य का पता चल जाता है।

Keyword Performance को कैसे चेक करें

कीवर्ड परफॉर्मेंस को चेक करने के लिए आपको कुछ टूल्स कि सहायता लेनी होगी। ये टूल्स ना सिर्फ आपके समय की बचत करते हैं बल्कि आपको ढेर सारी Relevant जानकारी भी देते हैं जिनके इस्तेमाल से आप SEO स्ट्रेटजी को आसानी से लागू कर सकते हैं। 

कीवर्ड परफॉर्मेंस को चेक करने के कुछ टूल्स ये हैं:

  1. MOZ
  2. Ahrefs
  3. SEMrush
  4. गूगल सर्च Console

Keyword Research Tools-कीवर्ड रिसर्च टूल्स

किसी भी कीवर्ड रिसर्च को करने के लिए कुछ टूल्स का सहारा लेना पड़ता है। इन टूल्स की सहायता से आप कीवर्ड रिसर्च कई गुना तेज़ और बेहतर तरीके से कर सकेंगे। 

आइए इंटरनेट पर उपलब्ध कुछ लोकप्रिय कीवर्ड रिसर्च टूल्स के बारे में जानते हैं:

  • गूगल कीवर्ड प्लानर (Google Keyword Planner)-Free 

चूंकि यह सर्विस गूगल की है इसलिए इसके डाटा बहुत relevant और updated होते हैं। गूगल कीवर्ड प्लानर एक मुफ्त कीवर्ड रिसर्च टूल है जो कीवर्ड suggestions देता है। 

  • गूगल ट्रेंड्स-Free

इंटरनेट पर ट्रेंड करने वाले टोपिक्स की तुलना करने और वो टॉपिक किस क्षेत्र या देश में Trend कर रहे हैं, इस बात का पता लगाने के लिए Google Trends एक बहुत बढ़िया tool है। यह समय के साथ उस कीवर्ड की सर्च वॉल्यूम में होने वाले बदलाव को भी बताता है। 

  • Ahrefs कीवर्ड एक्सप्लोरर

Ahrefs का कीवर्ड एक्सप्लोरर एसईओ टूल गूगल के बाद सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाले टूल्स में से एक है। हालांकि ये एक Paid सर्विस है लेकिन इसके कीवर्ड Analysis दूसरी कई टूल्स से बेहतर होते हैं।

  • SEMrush कीवर्ड सर्च

SEMrush कीवर्ड रिसर्च में गूगल के बाद मार्केट लीडर माना जाता है। यह आपके Content को analyse करने से लेकर आपके competitor की SEO strategy को समझने में भी मदद करता है।

  • Google Search Console-Free

गूगल सर्च कंसोल में आसानी से अपने टॉप रैंक करने वाले keywords को चेक कर सकते हैं। इसके अलावा यह फ्री टूल आपको यह भी बताता है कि रैंक करने वाले टॉप कीवर्ड आपको कितना सर्च Traffic देते हैं। 

  • कीवर्ड जेनरेटर- Free

अगर आप अपने seed keyword या target Keyword से कीवर्ड Ideas जानना चाहते हैं तो Keyword Generator Tool कुछ सेकेंड्स में ही सैकड़ों free keyword ideas आपको दे सकता है। यह सर्विस भी मुफ्त है।

  • Ubersuggest

यह टूल Keyword Suggestions से लेकर Content ideas और Backlinks data को आसानी से analyse करने कि क्षमता रखता है। इसके एडवांस्ड features से आप उन strategies को आसानी से सीख सकते हैं जिनसे दूसरे सर्च रैंकिंग्स में टॉप पर बने हुए हैं।

Ubersuggest से आप कम समय में आसानी से profitable SEO keywords ढूंढ सकते हैं।

निष्कर्ष-Conclusion:

सर्च रैंकिंग बढ़ाने के लिए कीवर्ड एक आवश्यक Google रैंकिंग कारक हैं और निकट भविष्य में भी बने रहेंगें। यह निर्भर करता है कि आप Keyword research kaise kare। कीवर्ड रिसर्च कर के एक comprehensive, relevant keyword list बनाना सिर्फ on-page content optimization का हिस्सा नहीं है बल्कि यह आपकी SEO और Marketing Strategy का भी महात्वौर्ण भाग है।

गूगल को आपके वेबपेज से यह hint मिलना चाहिए कि आपके ब्लॉग पोस्ट या वेबपेज में वो कीवर्ड मौजूद हैं जो सर्च query को संतुष्ट कर सकते हैं। क्योंकि अगर आपका कंटैंट किसी search query को satisfy करेगा तभी सर्च engine उस कंटैंट को हाइ रैंक पर दिखने में रुच लेंगे। कीवर्ड रिसर्च सर्च वॉल्यूम और User engagement बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय है। 

Frequently Asked Questions

  1. कीवर्ड रिसर्च करना महत्वपूर्ण क्यों है?

    हम Keyword रिसर्च से उन सर्च Query का पता लगाते हैं जिनके बारे में User गूगल पर ज्यादा सर्च करते हैं। फिर उन Primary Keywords के अनुसार ही अपना Content तैयार करने से ज्यादा सर्च Traffic मिलता है। इससे किसी भी वैबसाइट की Authority और ब्रांड वैल्यू बढ़ती है। 

  2. कीवर्ड रिसर्च करने के लिए गूगल टूल्स कौन से हैं?

    कीवर्ड रिसर्च के लिए गूगल कीवर्ड प्लानर, गूगल ट्रेंड्स, गूगल सर्च Console और Google suggestions का इस्तेमाल किया जा सकता है।

  3. कीवर्ड रिसर्च में सर्च वॉल्यूम क्या है?

    सर्च वॉल्यूम का मतलब है किसी कीवर्ड को कितनी बार सर्च किया गया या खोजा गया। सर्च वॉल्यूम और क्लिक्क्स में अंतर होता है। किसी टॉपिक का सर्च वॉल्यूम जानने के लिए गूगल कीवर्ड प्लानर की सहायता ली जा सकती है। 

My name is Vipul Yadav, I have done my graduation from Lucknow University in the field of Marketing. Further after completing my graduation, I have chosen Digital Marketing as my career. Currently, I'm working for Culturelligence.

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